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रसोई का वास्तु: सही दिशा, दोष और उपाय

रसोई में अग्नि तत्व होता है, इसलिए वास्तु में इसका विशेष स्थान है: दक्षिण-पूर्व, यानी अग्नि का क्षेत्र। सही दिशा में बनी रसोई पूरे परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और स्थिर आर्थिक स्थिति से जुड़ी मानी जाती है। नीचे देखें कि हर दिशा को कैसे आंका जाता है, और अगर आपकी रसोई गलत दिशा में है तो आप क्या कर सकते हैं।

उत्तर ↑उत्तर-पश्चिमछोटा दोषउत्तरबड़ा दोषउत्तर-पूर्वबड़ा दोषपश्चिमछोटा दोषकेंद्रबड़ा दोषपूर्वछोटा दोषदक्षिण-पश्चिमबड़ा दोषदक्षिणछोटा दोषदक्षिण-पूर्वअच्छा

एक नज़र में

सबसे अच्छी
दक्षिण-पूर्व
ठीक (छोटा दोष)
पूर्व, दक्षिण, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम
न रखें (बड़ा दोष)
उत्तर, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और केंद्र

हर दिशा में रसोई

रसोई गलत दिशा में हो तो उपाय

पहले आसान उपायों से शुरू करें। बड़े बदलाव मुख्य रूप से उन घरों के लिए हैं जिनका डिज़ाइन अभी बन रहा है।

उत्तर में रसोई

  • सरल · किसी औज़ार की जरूरत नहीं

    गर्म रंगों का उपयोग करें

    रसोई में नारंगी, पीच या हल्का लाल जैसे गर्म रंग लगाएं और अच्छी रोशनी रखें।

  • मध्यम · थोड़ा काम

    चूल्हा और सिंक अलग रखें

    चूल्हा और सिंक एक ही प्लेटफॉर्म लाइन पर नहीं, दूर-दूर रखें, और चूल्हा रसोई के दक्षिण-पूर्व की ओर रखें।

  • संरचनात्मक · दीवार या दरवाज़ा

    रसोई की जगह बदलें

    डिज़ाइन या मरम्मत करते समय रसोई दक्षिण-पूर्व क्षेत्र में बनाएं।

उत्तर-पूर्व में रसोई

  • सरल · किसी औज़ार की जरूरत नहीं

    उत्तर-पूर्व कोना हल्का रखें

    रसोई का उत्तर-पूर्व कोना साफ, रोशन और भारी सामान या कूड़ेदान से मुक्त रखें।

  • मध्यम · थोड़ा काम

    चूल्हा हटाएं

    चूल्हा रसोई के दक्षिण-पूर्व कोने में रखें, ताकि खाना बनाते समय आपका मुंह पूर्व की ओर हो।

  • संरचनात्मक · दीवार या दरवाज़ा

    रसोई की जगह बदलें

    घर का डिज़ाइन या मरम्मत करते समय रसोई को घर के दक्षिण-पूर्व क्षेत्र में ले जाएं।

दक्षिण-पश्चिम में रसोई

  • सरल · किसी औज़ार की जरूरत नहीं

    पूर्व की ओर मुंह करके खाना बनाएं

    खाना बनाने की जगह ऐसी रखें कि आपका मुंह पूर्व की ओर हो। दक्षिण-पश्चिम कोना खाली और व्यवस्थित रखें।

  • मध्यम · थोड़ा काम

    चूल्हा रसोई के दक्षिण-पूर्व में ले जाएं

    रसोई के अंदर चूल्हा उसके दक्षिण-पूर्व कोने में रखें और पानी (सिंक) को चूल्हे से दूर रखें।

  • संरचनात्मक · दीवार या दरवाज़ा

    रसोई की जगह बदलें

    डिज़ाइन या मरम्मत करते समय रसोई को दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में ले जाएं।

किसी भी दूसरी गलत दिशा के लिए

  • सरल · किसी औज़ार की जरूरत नहीं

    पूर्व की ओर मुंह करके खाना बनाएं

    चूल्हा ऐसे रखें कि खाना बनाते समय मुंह पूर्व की ओर हो, और चूल्हा व सिंक दूर-दूर रखें।

रखने के सुझाव

पूर्व की ओर मुंह करके खाना बनाएं। चूल्हा और सिंक पास-पास नहीं, दूर-दूर रखें।

सुझाए गए रंग

गर्म रंग: नारंगी, पीच, हल्का लाल या पीला

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

वास्तु के अनुसार रसोई के लिए कौन सी दिशा सबसे अच्छी है?

सबसे अच्छी दिशा: दक्षिण-पूर्व। ठीक, पर छोटा दोष: पूर्व, दक्षिण, पश्चिम और उत्तर-पश्चिम। बड़ा दोष, इनसे बचें: उत्तर, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और केंद्र।

क्या उत्तर-पूर्व में रसोई होना खराब है?

वास्तु में, हाँ। इस क्षेत्र में अग्नि का यहां के तत्व से टकराव होता है। दक्षिण-पूर्व आदर्श है, उसके बाद उत्तर-पश्चिम। इसे बड़ा दोष माना जाता है। ऊपर दिए उपाय इसे कम कर सकते हैं, और कई उपायों में तोड़-फोड़ की जरूरत नहीं।

क्या रसोई का वास्तु दोष बिना दीवार तोड़े ठीक हो सकता है?

ज्यादातर हाँ। मुंह किस ओर करके बैठें, भारी सामान कहां रखें, रंग और साफ-सफाई जैसे आसान उपाय आज ही किए जा सकते हैं। कमरे, दरवाज़े या दीवार बदलना मुख्य रूप से उन घरों के लिए है जिनका डिज़ाइन या मरम्मत हो रही है।

अपने घर में रसोई का वास्तु कैसे जांचें?

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पारंपरिक वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों पर आधारित। केवल मार्गदर्शन के लिए, यह संरचनात्मक या इंजीनियरिंग सलाह नहीं है।